विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी | Statue of Unity of India in Hindi

विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बारे में सम्पूर्ण जानकारी | Statue of Unity of India – Cost, Height, Location, Images, and Tickets:- आज का एक भारत, सन 1947 में हमारें भारत को अंग्रेजों से आजादी तो मिली। लेकिन जिस प्रकार से हम आजादी चाहते थे, उस प्रकार से आजादी हमें नही मिली। बल्कि जिस प्रकार से आजादी अंग्रेज चाहते थे, उस प्रकार से आजादी हमें मिली।

विभिन्न स्वतंत्र रियासतों के रूप में हालात आज भी वही होते अगर किसी ने इन्हें जोड़ने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर नही ली होती। भारत की 565 अलग-अलग रियासतों को एकजुट करने के इस असम्भव से दिखते कार्य को नडियाद नामक गाँव के एक किसान परिवार में जन्में एक साधारण से किसान ने सम्भव कर दिखाया। अलग-अलग भागों में बटी हुई रियासतों को एक सूत्र में पिरोकऱ एक अखण्ड भारत का निर्माण किया।

यह चमत्कार करने वाले कोई और नही अपितु भारत के लौह-पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल थे। सरदार वल्लभ भाई पटेल ने अपना पूरा जीवन भारतवर्ष की सेवा में समर्पित कर दिया। बारडोली के एक आंदोलन में सरदार पटेल ने किसानों को ब्रिटिश सरकार के अत्याचारों से बचाया।

ब्रिटिश सरकार द्वारा की जा रही कर-व्रद्धि की समस्या का समाधान सरदार पटेल ने अपने नेतृत्व में किया। उन्होंने न केवल किसानों को कर-व्रद्धि से राहत दिलवाई बल्कि अंग्रेजों द्वारा जब्त की उनकी जमीनें भी उन्हें वापस दिलवाई। उनके इस साहसिक योगदान के लिए भारत देश ने उन्हें सरदार की उपाधि दी।

सरदार पटेल ने न सिर्फ किसानों को स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया अपितु उनके साथ मिलकर कईं आंदोलन भी किये। सरदार पटेल ने किसानों की परेशानियों को अपने कंधों पर उठाकर उनके समाधान के लिए काफी कठोर प्रयास किये।

सरदार पटेल में प्रशासनिक दूर-दृष्टि व अटल राजनैतिक कुशलता थी। वह सिर्फ स्वराज के नही अपितु सुराज के प्रणेता थे। भारत के अमूल्य रत्न व आधुनिक भारत के शिल्पकार सरदार पटेल जैसे महामानव का जीवन मात्र इतिहास के पन्नों तक सीमित रह जाये यह हमें स्वीकार नही।

उनका जीवन और उनकी देशभक्ति हम सभी के लिए देश-सेवा और निरंतर आगे बढ़ने का प्रेरणा स्रोत है। उनके श्रद्धाजंलि स्वरूप एक ऐसे स्मारक का निर्माण हो।

जो आधुनिक, अलौकिक, भव्य तथा अपने-आप में एक अजूबा हो। जो सिर्फ देश की आजादी के आंदोलन की ही नही बल्कि अखण्ड देश की शिल्पी की गाथा सुनाये। ये एक  मिशाल स्वरूप हो। जो भारतवासियों की एकमतता दर्शाये।

भारत के लौह-पुरुष के लिए उन्हीं के देशवासियों की और से एक अनोखी पहल प्रस्तुत है विश्व की सबसे ऊँची, अतुल्य, गौरवशाली, एकता की प्रतिमा – The Statue of Unity

विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी – The Statue of Unity

Statue of Unity Cost
Statue of Unity Cost

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री तथा प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को समर्पित स्मारक है। यह स्मारक भारत के गुजरात राज्य में स्थित है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कार्य सरदार पटेल के जन्मदिन पर 31 अक्टूबर 2013 को शुरू किया गया था।

यह स्मारक सरदार सरोवर बाँध से 3.2 किलोमीटर दूर साधु बेट नामक टापू पर स्थित है। यह टापू नर्मदा नदी पर स्थित है। देश को सही मायने में एकता से श्रेष्ठता की तरफ मार्गदर्शित करने के उद्देश्य से बनाया जाने वाला यह स्मारक 182 मीटर ऊँचा है।

यह स्मारक आकार में न्यूयॉर्क शहर के “Statue of Liberty” से दुगुना है। यह स्मारक Rio De Janeiro के Christ The Redeemer से पाँच गुना ऊँचा है। तथा यह स्मारक सरदार सरोवर बाँध से डेढ़ गुना ऊँचा है। यह स्मारक एक 60 मंजिला ईमारत के बराबर ऊँचा है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के बाद विश्व की दूसरी सबसे ऊँची मूर्ति चीन में स्प्रिंग टेम्पल बुद्ध की है। जिसकी आधार के साथ कुल ऊंचाई 153 मीटर है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण के लिए लगभग 250 इंजीनियर तथा 3,400 मजदूर शामिल थे।

Statue of Unity जैसा अद्भुत इंजीनियरिंग अजूबा पहले कभी नही बनाया गया। यह भारत के गौरव तथा अंतर्राष्ट्रीय एकता व श्रेष्ठता का प्रतीक है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सम्पूर्ण लौहे से बनाया गया है। जिस पर कांसे का आवरण चढ़ा है।

Statue of Unity Height
Statue of Unity Height

इसका निर्माण लगभग 20,000 वर्गमीटर क्षेत्र में किया गया है। Statue of Unity को सतपुड़ा पहाड़ियों के बीच सरदार सरोवर बाँध से 3.2 किलोमीटर दूर नर्मदा नदी की गोद में साधु बेट नामक स्थान पर स्थापित किया गया है।

इस स्थान पफ पहुँचने के लिए एक पुल भी बनाया गया है। विश्व के सबसे बड़े बाँधो में शामिल सरदार सरोवर बाँध के सामने खड़ा यह स्मारक सरदार की अद्भुत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के अंदर 400 फ़ीट की ऊँचाई पर एक View in Gallery बनी हुई है। जहाँ से दर्शक सरदार सरोवर बाँध और उसके आस-पास के आकर्षक दृश्यों का नज़ारा देख सकते है। 9,850 वर्गमीटर का पोडियम बनाया गया है।

जिसमें Visitor Experience व Memorial Gardens शामिल है। इस पोडियम की क्षमता लगभग प्रतिदिन 15,000 दर्शकों की है। लगभग 3,000 दर्शक अवलोकन करने जा सकते है। इनके साथ-साथ म्यूजियम व रिसर्च सेंटर जैसे अनेक आकर्षणों का निर्माण किया गया है।

भारतवासियों के योगदान से बनने वाली इस अद्वितीय एकता की प्रतिमा की स्थापना 31 अक्टूबर 2018 को किया गया था। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का उदघाटन माननीय श्री लालकृष्ण आडवाणी व नरेंद्र मोदी के द्वारा सरदार पटेल के जन्मदिवस के अवसर पर किया गया था।

सरदार पटेल की प्रतिमा को बनाने के लिए पूरा भारतवर्ष एकजुट होकर एक महाअभियान का हिस्सा बनेगा। जिसकी शुरुआत हो चुकी है। इस अभियान के अंतर्गत 15 दिसम्बर 2013 को सरदार पटेल की पुण्यतिथि के अवसर पर सुबह 8 से 11 बजे के बीच सम्पूर्ण भारत में एक साथ 565 से भी ज्यादा जगहों पर रन ऑफ यूनिटी नामक मैराथन का आयोजन किया गया। इस मैराथन में बहुत अधिक संख्या में लोगों ने भाग लिया।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की लागत | The Statue of Unity Cost

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की कुल निर्माण लागत प्रारम्भ में भारत सरकार ने क़रीब 3,000 करोड़ रखी थी। लेकिन “लार्सन एंड टूब्रो” नाम की बहुराष्ट्रीय कंपनी ने सन 2014 में सबसे कम 2,089 करोड़ रुपये में बोली लगाई।

जिसमें आकृति, निर्माण व इसकी देखरेख शामिल थी। इसका निर्माण कार्य 31 अक्टूबर 2013 को शुरू होकर सन 2018 में अक्टूबर के मध्य में समाप्त हुआ। सरदार पटेल की प्रतिमा के निर्माण में 1,347 करोड़ रुपये खर्च हुए।

235 करोड़ रुपये प्रदर्शनी हॉल व सभागार केंद्र पर खर्च हुए तथा 657 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पूरा होने के बाद आने वाले 15 वर्ष तक ढांचे के रखरखाव पर खर्च होंगे। पल निर्माण में 83 करोड़ रुपयों की लागत आयी है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अभियान व परियोजना | Statue of Unity Campaign & Project

Statue of Unity India
Statue of Unity India

स्टेच्यू ऑफ यूनिटी परियोजना की घोषणा 7 अक्टूबर 2010 को गुजरात सरकार द्वारा की गयी थी। इस स्मारक के निर्माण के लिए सम्पूर्ण भारत के किसानों के पुराने बेकार  औजारों का संग्रह किया गया।

इस कार्य के सरदार वल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट ने पूरे भारत में कुल 36 कार्यालय खुले। जिसका उद्देश्य सम्पूर्ण भारत के क़रीब 5 लाख किसानों से लौह-अवशेष प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था।

इस अभियान का नाम स्टैच्यू ऑफ यूनिटी अभियान रखा गया। यह अभियान क़रीब 3 माह तक चला। जिसमें लगभग 6 लाख किसानों ने मूर्ति स्थापना के लिए लोहा दान दिया। इस अभियान में कुल 5,000 ,मीट्रिक टन लोहा इकट्ठा हुआ।

इस लोहे का उपयोग इस परियोजना से जुड़े कार्यों में किया गया। अंत में दोस्तों में सिर्फ यही कहना चाहता हूँ कि स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण से भारत ने विश्व जगत में इतिहास रचा है। इसके निर्माण से भारत के गौरव का विकास हुआ है।

Statue of Unity Tickets Price

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का एक मूल प्रवेश टिकट वयस्कों के लिए 120 रूपये और बच्चों के लिए 60 रूपये है। यह आपको फूलों की घाटी, स्मारक, संग्रहालय और ऑडियो विजुअल गैलरी, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी साइट और सरदार सरोवर बांध में प्रवेश देता है।

लगभग 400 फीट की ऊँचाई से साइट के परिवेश के बारे में विहंगम दृश्य प्राप्त करने में सक्षम होने के लिए, आपको एक देखने गैलरी टिकट खरीदने की आवश्यकता है, जो आपको अवलोकन डेस्क तक भी पहुँच प्रदान करता है।

इस टिकट की कीमत वयस्कों के लिए 350 रूपये और बच्चों के लिए 200 रूपये है और आपको उच्च गति वाले लिफ्ट में मूर्ति की छाती के साथ एक मंच पर ले जाता है।

और अगर आप वह सब करना चाहते हैं और सप्ताहांत और छुट्टियों पर कतार को हराते हैं, तो आप प्रति व्यक्ति। 1000 रुपयों का एक्सप्रेस टिकट खरीद सकते हैं।

New Airport & Railway Station to Near Statue of Unity

देश भर और यहां तक कि विदेशों से भी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए, गुजरात सरकार स्टेच्यू ऑफ यूनिटी साइट से लगभग 26 किमी दूर राजपीपला शहर में एक हवाई अड्डा बनाने की योजना बना रही है।

केवडिया में रेलवे स्टेशन बनाने और इसे अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा सहित प्रमुख शहरों से जोड़ने के लिए रेलवे के साथ भी चर्चा हुई है।

Nearest Places to Statue of Unity

अगर आप स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी देखने आना चाहते है तो आपको आपको इसके आस-पास की जगहों व शहरों के बारे में जानकारी प्राप्त होनी चाहिए। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से निकटतम शहर वड़ोदरा है।

यह 95 किलोमीटर (किमी) दूर है। अहमदाबाद 200 किलोमीटर दूर है, जबकि सूरत 154 किलोमीटर दूर है। इसके निकटतम गांव केवडिया है। जो कि 3.5 किलोमीटर दूर है।

Statue of Unity Timings

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सप्ताह में छह दिन खुली रहती है और रखरखाव के काम के कारण हर सोमवार को पर्यटकों के लिए बंद रहती है। स्मारक में प्रवेश सुबह 9 बजे खुलता है और शाम 5 बजे बंद हो जाता है।

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